परिभाषा · Definition
सर्वाधिक सुलभ सौर योग — 9 नक्षत्र
रवि योग तब बनता है जब सूर्य 9 विशेष शुभ नक्षत्रों में से किसी एक में स्थित हो। यह पूर्णतः सौर योग है — चंद्र तिथि, वार या पंचांग के अन्य तत्वों से स्वतंत्र। सूर्य कभी वक्री नहीं होता, इसलिए प्रत्येक अवधि ~13 लगातार दिन चलती है।
सर्वाधिक सुलभ सौर योग होने के नाते — वर्ष में ~120–140 दिन — यह उन लोगों के लिए भी व्यावहारिक है जिनके पास अभिजित मुहूर्त (दैनिक पर अल्पकालिक) या गुरु पुष्य (मासिक) की प्रतीक्षा करने का समय नहीं है।
श्रेष्ठ कार्य
रवि-पुष्य योग रवि योग का एक उपसमूह है — पुष्य में सूर्य
नौ रवि योग नक्षत्र
सूर्य किन नक्षत्रों में रवि योग बनाता है
मुहूर्त चिंतामणि के आधार पर
वार्षिक कैलेंडर
रवि योग 2026 — टाइमलाइन
कुल 123 दिन · 9 अवधियाँ · लाहिरी अयनांश
शुभ कार्य
रवि योग में क्या करें
- ▸पद ग्रहण
- ▸सरकारी नियुक्ति
- ▸कम्पनी स्थापना
- ▸अधिकार-पत्र
- ▸नई नौकरी शुरू
- ▸पदोन्नति
- ▸व्यावसायिक प्रशिक्षण
- ▸लक्ष्य निर्धारण
- ▸सूर्योपासना
- ▸गायत्री जप
- ▸व्रत संकल्प
- ▸तीर्थयात्रा
- ▸नामांकन
- ▸परीक्षा प्रारम्भ
- ▸शोध आरम्भ
- ▸कौशल विकास
- ▸उपचार आरम्भ
- ▸व्यायाम शुरू
- ▸आहार परिवर्तन
- ▸चिकित्सीय परामर्श
- ▸दीर्घयात्रा
- ▸व्यापारिक यात्रा
- ▸तीर्थ प्रस्थान
- ▸अन्वेषण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शास्त्रीय प्रश्नोत्तर
रवौ नवनक्षत्रेषु योगः
नौ नक्षत्रों में सूर्य का आशीर्वाद
रवि योग वह सुनहरी खिड़की है जो वर्ष में 9 बार खुलती है — जब सूर्य की सार्वभौम ऊर्जा शुभ नक्षत्रों की कृपा से मिलती है। यह ब्रह्माण्डीय संरेखण उन सभी के लिए सुलभ है जो काल की भाषा समझते हैं। प्रत्येक रवि योग अवधि में एक नई शुरुआत का अवसर है।
व्यक्तिगत मुहूर्त जानें →और जानें
